भारत में इन दिनों कोरोना की तीसरी लहर अपनी चरम सीमा की तरफ बढ़ रही है और हर दिन 3 लाख से ज्यादा नए केस सामने आ रहे है। दो लहर के मुकाबले तीसरी लहर में बच्चों पर इसका ज्यादा असर होता दिखाई दे रहा है और सरकार ने इसी खतरे को देखते हुए बच्चों के लिए वैक्सीन लगाने का काम भी शुरू कर दिया है। इस बार सर्दी के साथ कोरोना की दोहरी मार बच्चों को ज्यादा खतरे में डाल रही है।
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अगर आपके बच्चे भी कोरोना के शिकार हो जाते है तो आपको ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चों पर कोरोना का बढ़ता खतरा देखते हुए केंद्र सरकार ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोविड से संबंधित नई गाइडलाइन्स जारी कर दी है जिसके द्वारा आप अपने बच्चों को इस खतरे से बचा सकते हैं।
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बच्चों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से रोकना है और 15 से 18 साल के बच्चों को मास्क लगाना जरूरी है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मास्क जरूरी नहीं है और इससे बड़ी उम्र के बच्चों को मास्क लगाने के लिए मां—बाप को ध्यान रखना है। वैक्सीन लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। सर्दी—जुकाम या बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह से दवाओं का सेवन करना चाहिए।
बच्चों में हल्के लक्षण दिखने पर उनका ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। उनकी सांस संबधी दिक्कत पर निगरानी रखनी चाहिए अगर ज्यादा परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। बच्चे को इस बात का डर नहीं दिखाना चाहिए की उनको कोरोना हुआ है उनको सामान्य रूटीन में लाने का प्रयास करना चाहिए। इस दौरान उनका स्वभाव थोड़ा बदल सकता है तो आपको ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए। बच्चों को ठंड़ी चीज खाने से रोके और हल्का गर्म खाना या पानी पीलाए।
