राजस्थान में चुनावों से पहले कांग्रेस के नेताओं में बयानबाजी का दौर फिर से शुरू हो गया है। लेकिन इस बार गहलोत गुट के ही नेताओं ने पायलट का समर्थन करके नई बहस शुरू कर दी है। बाड़ेबंदी के दौरान पायलट गुट पर हमला बोलने वाले मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने अब पाला बदल लिया है और खुलकर पायलट के समर्थन में आ चुके है। पायलट के कभी करीबी माने जाने वाले खाचरियावास ने संकट के समय गहलोत सरकार का समर्थन किया लेकिन अब वह पायलट की मांगों को सही बताते हुए अपनी ही सरकार के खिलाफ उतर गए है।
पायलट ने कहा हमने जो किया वह गलत था लेकिन हमने कभी आलाकमान को चुनौती नहीं दी लेकिन सितंबर में जो हुआ वह हाईकमान को चुनौती देना था। इसके बाद भी इस घटना के लिए जो जिम्मेदार थे उन पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई और उसके बाद भी विधायक दल की बैठक नहीं बुलाई गई।
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अगर इस प्रकार ही चलता रहा तो इसका संदेश गलत जाएगा। इस बात खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा- जब एक ही व्यक्ति या एक ही ग्रुप पूरी पार्टी पर हावी हो जाए तो फिर मनमानी होनी शुरू हो जाती है।
पायलट समर्थक और लाडनूं (नागौर) विधायक मुकेश भाकर ने गहलोत समर्थक नेताओं पर हमला बोला है। कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से जब विधायक दल की बैठक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- जब विधायक कहेंगे तो विधायक दल की बैठक बुला लेंगे।
खाचरियावास बोले- पायलट के बयान का स्वागत होना चाहिए। किसी में दम है तो वह खिलाफ बोलकर दिखा दे। यदि पायलट राजस्थान की जनता की और विधायकों की आवाज उठा रहे तो इसमे गलत कुछ नहीं है।पायलट ने पार्टी लाइन से अलग हटकर कभी कुछ नहीं कहा लेकिन इसके बाद भी हाईकमान विधायक दल की बैठक नहीं करवा रहा है।
