दिसंबर के अंतिम माह में अग्रेजों का सबसे बड़ा पर्व 25 दिसंबर को मनाया जाता है। इस पर्व को सभी लोग एक दूसरे को बंधाई देते हुए Merry Christmas कहते है जबकि अन्य पर्व पर Happy शब्द का इस्तेमाल करते है। कई लोगों को तो इस बात का पता भी नहीं है कि इन दोनों शब्दों में क्या अंतर है और किस कारण से Happy शब्द की जगह Merry Christmas से बंधाई देते हैं।
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Merry Christmas का त्यौहार ईसा मसीह या यीशु के जन्म की खुशी के रूप में मनाया जाता है। अग्रेजों का सबसे बड़ा त्यौहार भी इसे ही माना जाता है और पूरी दुनिया इस त्यौहार को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। क्रिसमस शब्द का जन्म क्राइस्ट मास शब्द से हुआ और सबसे पहले 336 ई. में रोम में क्रिस्मस डे मनाना शुरू हुआ था। इस दिन लोग एक-दूसरे को तोहफे देते हैं और पार्टी करते हुए Merry Christmas कहते है। इस दिन सांता क्लॉज को बहुत ज्यादा याद किया जाता है और क्रिसमस ट्री को बहुत अच्छे से सजाया जाता है। इन दोनों की पीछे एक कहानी है जिसमें सांता क्लॉज गरिबों को गिफ्ट देता था और क्रिसमस ट्री सदाबहार पेड़ होने के साथ जीवन को भी हमेशा हराभरा रखता है।
हम सभी लोग किसी को बधाई देते है तो हमेशा हैप्पी होली, हैप्पी दिवाली और हैप्पी ईस्टर कहते है लेकिन क्रिसमस के आगे हैप्पी क्रिसमस की जगह मैरी क्रिसमस कहकर बधाई देते है। कही लोगों को यह अजीब लगता है लेकिन इसके कहने के पीछे की वजह मालूम नहीं होती है और इसको लेकर कई प्रकार की बाते करते हैं।
मैरी क्रिसमस की जगह हैप्पी क्रिसमस कहना गलत नहीं है लेकिन यह थोड़ा अजीब लगता है। 17वीं और 18वीं शताब्दी में लोग क्रिसमस विश करने के लिए हैप्पी क्रिसमस का इस्तेमाल करते थे। इंग्लैंड के राजा जॉर्ज या महारानी भी हैप्पी शब्द का इस्तेमाल करती थी लेकिन आम जनता मैरी क्रिसमस लिखना-बोलना ही पसंद करती थी। मैरी और हैप्पी शब्द का अर्थ एक ही होता है। मैरी शब्द से ज्यादा लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई थी और इसका श्रेय लेखक चार्ल्स डिकेंस को जाता है। इनकी किताब में भी इसका उल्लेख किया गया है।
