कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में कुल 9300 प्रतिनिधि हैं। जिसमें से 5 फीसदी ने वोट नहीं दिया है। यानी देश भर से करीब 465 प्रतिनिधियों ने वोट नहीं डाला। करीब 8800 लोगों ने वोट डाला। इसमें से 408 मतदाता राजस्थान के थे।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए बड़ी खींचतान के बाद चुनाव संपन्न हो गया है। 19 अक्टूबर को नतीजे सामने आएंगे। 25 सितंबर को जयपुर में हुए घटनाक्रम से पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ... कहते है जो दिखता है वो होता नहीं है चुनावी मैदान में शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे हैं। राजस्थान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में 408 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हालांकि इन चुनावों में स्पीकर सीपी जोशी समेत 6 प्रतिनिधियों ने वोट नहीं डाला है तो वहीं राजस्थान के बाहर सचिन पायलट और रघु शर्मा समेत 14 प्रतिनिधियों ने मतदान किया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में कुल 9300 प्रतिनिधि
अध्यक्ष पद का असर सबसे ज्यादा में देखने को मिला इसके दो कारण है पहला राजस्थान कांग्रेस शासित राज्य है और दूसरा मुख्यमंत्री गहलोत खुद अध्यक्ष पद के दावेदार माने जा रहे थे। कांग्रेस केराष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में कुल 9300 प्रतिनिधि हैं। जिसमें से 5 फीसदी ने वोट नहीं दिया है। यानी देश भर से करीब 465 प्रतिनिधियों ने वोट नहीं डाला। करीब 8800 लोगों ने वोट डाला। इसमें से 408 मतदाता राजस्थान के थे। राजस्थान कांग्रेस शासित राज्य है। अशोक गहलोत मुख्यमंत्री हैं। वह खुद कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार थे। ऐसे में सवाल यह है कि राजस्थान से ज्यादा वोट किसे मिलने की संभावना है। मल्लिकार्जुन खड़गे या शशि थरूर?
मल्लिकार्जुन खड़गे को वोट देने की अपील
वहीं अशोक गहलोत स्वयं मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावक बने थे और मीडिया से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे को वोट देने की अपील की थी। चूंकि अशोक गहलोत खुद पहले अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जाते थे। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि पीसीसी के जो प्रतिनिधि राजस्थान से चुने गए थे। उन्हें अशोक गहलोत का चहेता चुना गया था। यह अलग बात है कि बाद में गहलोत खुद अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए। ऐसे में माना जा रहा है कि अशोक गहलोत के प्रस्तावक और खुलकर अपील करने वाले के कारण राजस्थान के ज्यादातर प्रतिनिधियों ने मल्लिकार्जुन खड़गे को वोट दिया होगा।
विवाद का कारण बनी गहलोत की अपील
बता दें कि जब अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे के पक्ष में अपील की। इसलिए विवाद हुआ था। कुछ लोगों ने कहा कि यह अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। लेकिन अशोक गहलोत ने इन सभी आरोपों का खंडन किया था। गहलोत ने कहा था कि मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए वोट मांगकर मैंने कोई गलती नहीं की...मैं स्वयं खड़गे के समर्थकों में से एक था। खेर 19 अक्टूबर को ये साफ हो जाएगा की अगला अध्यक्ष कौन होगा।
