बिहार की राजनीति में एक बार फिर नया परिवर्तन देखने को मिल रहा हैं,लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने बिहार की दो विधानसभा सीटों मोकामा और गोपालगंज में होने वाले उपचुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार करने का फैसला किया है.चिराग ने सीएम नीतीश की सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी. मौके की नजाकत में नीतीश को भारी पड़ते देख बीजेपी ने उस समय मौन धारण रखा. हालात ऐसे बने कि चिराग पासवान एनडीए से अलग हो गए।
भगवान Kedarnath को 230 किलो सोने का चढ़ावा, दीवारों पर जड़वाई सोने की प्लेट!
आपको बता दें कि बिहार की राजनीति में चिराग पासवान को सीएम नीतीश कुमार को बिल्कुल भी पसंद नहीं हैं. जब दोनों पार्टियां एनडीए में थीं तो राज्य में विधानसभा चुनाव 2020 से पहले ही चिराग पासवान ने नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. इसके बाद चिराग ने नीतीश की पार्टी जेडीयू को हराने के लिए प्रत्याशी खड़े कर दिए. लेकिन चिराग ने बीजेपी के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारे. वहीं चुनाव के दौरान चिराग खुद को पीएम मोदी का हनुमान भी बता रहे थे।चिराग के इस फैसले ने बीजेपी का 'बड़े भाई' सपना पूरा कर दिया। चिराग पासवान ने भी कहा है कि बिहार में दो विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी को उनका समर्थन बिना शर्त है और इसका यह मतलब नहीं है कि एनडीए में शामिल होने वाले हैं.
