राजस्थान में इन दिनों पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों की वीरांगनाओं ने अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रही है। लेकिन इसके बाद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है इसको लेकर वे सचिन पायलट के बंगले के बाहर धरने पर बैठी है। इस मामले को लेकर पहली बार सीएम गहलोत ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वीरांगनाओं की मांगे अनुचित है।
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गहलोत ने देर रात ट्वीट कर वीरांगना की रिश्तेदार को सरकारी नौकरी देने और शहीद हेमराज की तीसरी मूर्ति लगाने की मांग को अनुचित बताते हुए बीजेपी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा बीजेपी के लोग शहीद वीरांगनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया- शहीदों के बच्चों का हक मारकर किसी अन्य रिश्तेदार को नौकरी देना कैसे उचित ठहराया जा सकता है?
भाजपा के नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए शहीदों की वीरांगनाओं का इस्तेमाल कर रहे है और मैं इसकी निंदा करता हूं। सचिन पायलट के घर के बाहर धरने पर बैठी वीरांगनाओं से खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और उद्योग मंत्री शकुंतला रावत मिलने पहुंचे थे। अगर अभी उनके रिश्तेदारों को नौकरी दी जाती है तो बाद में उनके बच्चों को नौकरी कैसे मिलेगी और उनका हक किसी दूसरे को देना गलत है।
