राजस्थान में नए सीएम पर गहलोत गुट ने अपनी चाल ऐसी चली है कि विधायक इस्तीफा देनकर दिल्ली आलाकमान पर दबाव बना रहे है। विधायकों ने हाईकमान की ओर से भेजे गए ऑब्जर्वर मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन से मिलने से मना कर दिया। दिल्ली जाने से पहले माकन ने मीडिया से कहा. विधायकों का नहीं आना अनुशासन हीनता है।
माकन ने कहा. गहलोत समर्थक विधायक पायलट गुट से नहीं गहलोत गुट से सीएम बनाने की बात पर अड़े हैं। कांग्रेस के इतिहास में सशर्त रेज्यूलेशन आज तक पास नहीं हुआ है। गहलोत समर्थक विधायक अपने तीन सूत्री एजेंडे पर अड़े हैं।
गहलोत के अध्यक्ष बनने के बाद ही राजस्थान में उनकी मर्जी से ही सीएम बनाने और पायलट को मौका नहीं देने की गारंटी चाहते हैं। इन विधायकों ने अजय माकन से साफ कह दिया कि विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे। इस घटनाक्रम से एक बात साफ हो गई है कि पायलट का सीएम बनने का सपना आसान नहीं है क्योंकि गहलोत की जादूगरी ने दिल्ली नेताओं के पसीने छूड़ा दिए है। हाईकमान राजस्थान को लेकर कोई फैसला कर सकती है लेकिन अभी जिस तरह से विधायको ने अपनी ताकत दिखाई है उसे सिधी दिल्ली आलाकमान को चुनौती दी है।
गहलोत के समर्थक विधायकों नेधारीवाल के बंगले को ही मुख्य सेंटर बनाया गया है। इस सियासी घटनाक्रम के बीच सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक कुछ भी बोलने को तैयार नही है। गहलोत ने भी इस घटनाक्रम से दूरी बनाई है और साफ कह दिया है कि विधायक उनकी बात नहीं मान रहे हैं।
