कोरोना काल के खत्म होने के बाद राजस्थान में 2 साल बाद छात्रसंघ चुनाव होने जा रहे हैं। प्रदेश के सभी सरकारी यूनिवर्सिटी में 26 अगस्त को मतदान होगा और 27 अगस्त को काउंटिंग के साथ ही नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलवाई जाएगी।
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चुनाव से 10 दिन पहले आचार संहिता लागू हो गई है जिसके बाद उम्मीदवार यूनिवर्सिटी कैंपस में पोस्ट, बैनर और होर्डिंग के साथ रैलियों नहीं निकाल सकेंगे। सबसे मुख्य बिंदू चुनावी खर्च 5 हजार रुपय से ज्यादा का नहीं होगा और अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो वह चुनाव लड़ने के अयोग्य हो जाएगा।
लिंगदोह कमेटी की सिफरिशों की पालना के लिए टीम का गठन किया है जो छात्र नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। आचार संहिता लागू होने के बाद एडमिशन पर रोक लगा दी गई है और इसके साथ एडमिश ले चुके या पहले से यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे छात्र वोट दे सकते हैं।
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें
उम्र यूजी में 22 वर्ष, पीजी के लिए 25 वर्ष व शोध छात्र के लिए 28 वर्ष।
चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी।
आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।
एक प्रत्याशी का अधिकतम खर्च पांच हजार रुपये तय किया गया है।
प्रिंटेड प्रचार सामग्री पर रोक है।
