मां तो आखिर मां होती है अपने बच्चे को मुसीबत से बचाने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है भगवान हर जगह नहीं हो सकते इसलिए उसने मां बनाई जो हर किसी की होती है और हर किसी के पास होती है मां तो अपने बच्चे के लिए यमराज से भी लड़ सकती है कहते है कि इंसान हो या जानवर मां की ममता का सदैव ही कोई मुकाबला नहीं रहा है वो हमेशा ही अपने बच्चों के लिए अपनी जान तक न्यौछावर करने को तैयार रहती है।
मां की बहादुरी और साहस का ये मामला मध्यप्रदेश के उमरिया के रोहनिया गांव की है जहां बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक मां अपने 15 महीने के बच्चे को बचाने के लिए बाघ से लड़ गई। बाघ के नाखून महिला के फेफड़े तक घुस गएए लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और 20 मिनट तक लड़ती रही और बाघ के जबड़े से बेटे को छुड़ा लिया।
महिला की हालत गंभीर होने के चलते उसे जबलपुर रेफर किया गया है अर्चना चौधरी नाम की ये महिला अपने बेटे रविराज को शौच कराने के लिए खेत में ले गई थी तभी झाड़ियों में बीच छिपा बाघ आ गया और बच्चे को अपने जबड़े में दबा लिया उसने बच्चे को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी बाघ ने अर्चना पर भी हमला कर दिया लेकिन फिर भी वो हिम्मत नहीं हारी और बच्चे को बचाने का प्रयास करती रही शोर सुनकर ग्रामीण वहां पहुंच गए और बाघ बच्चे को छोड़कर जंगल में भाग गया जिसके बाद महिला और बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गयाए जहां दोनों का ईलाज चल रहा है।
रोंगटे खड़े कर देने वाली इस घटना के बारे में जिस किसी ने भी सुना सन्न रह गयाए लोग इस मां की तारिफ करते नहीं थक रहे इस मां की जाबाजी और बहादुरी पर आप क्या कहना चाहेंगे।
