Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

बीजेपी के 'विनिंग फॉर्मूले' की राह पर चल पड़े अखिलेश यादव, उठाएंगे योगी की नाराजगी का फायदा

उत्तर प्रदेश
बीजेपी के 'विनिंग फॉर्मूले' की राह पर चल पड़े अखिलेश यादव, उठाएंगे योगी की नाराजगी का फायदा

उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले बीजेपी और सपा में जबरदस्त घमासान देखने को मिल रहा है और इस बार अखिलेश बीजेपी को उसके ही चुनावी खेल में उसको मात देने की तैयारी कर रहे है। यूपी चुनावों में इस बार अखिलेश योगी पर जाति विशेष के लोगों को फायदा पहुंचाने और अन्य जातियों के लोगों पर सख्त कार्यवाही करने को लेकर अपने चुनावी भाषणों में जमकर आरोप लगा रहे हैं। योगी को लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में केवल ठाकूर वोटरों के लिए ही काम किया है जबकि बीजेपी ने अन्य जातियों की अनदेखी की है।

बीजेपी ने सपा के खिलाफ गैर-यादव ओबीसी जातियों को एक करने का काम किया था तो इस बार अखिलेश योगी के खिलाफ गैर-ठाकुर सवर्ण जातियों को एक करने में जुटे है। विपक्षी दलों ने चुनावों से पहले सीएम योगी को ब्राह्मण विरोधी करार देना शुरू कर दिया है और  आने वाले चुनावों में बीजेपी के लिए यह परेशानी बन सकती है।

उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण और ठाकुर दोनों ही बीजेपी के सबसे अच्छे वोटर माने जाते है लेकिन योगी सरकार के कार्यकाल में ब्राह्मण की नाराजगी बढ़ी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने नाराजगी को दूर करने के लिए एक कमेटी बनाई है जो ब्राह्मण वोटरों की समस्या को हल करने के साथ उनकी नाराजगी को दूर करेगी। सपा के साथ बसपा और कांग्रेस ने भी ब्राह्मण वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए कई दाव चल रही है।

​​​​​​​

अखिलेश ने एक हाथ में फरसा तो दूसरे हाथ में चक्र को लेकर ब्राह्मण समाज से सपा को समर्थन करने का आग्रह किया। मूर्ति का अनावरण करने के बाद अखिलेश ने ब्राह्मण वोटरों को रिझाने के लिए ऐलान किया उनकी सरकार बनने पर परशुराम जयंती की छुट्टी दी जाएगी जिसे बीजेपी ने सरकार खत्म कर दिया है। यूपी का ब्राह्मण समाज आने वाले चुनावों सपा के पक्ष में वोट करेगा, क्योंकि बीजेपी ने ब्राह्मणों के साथ अन्याय किया है।