Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

यूपी की राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं, परिवार के दुश्मन बन बैठे ये नेता

चुनाव 2023
यूपी की राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं, परिवार के दुश्मन बन बैठे ये नेता

यह बात किसी से किसी से छूपी नहीं है कि राजनीति में आने के लिए लोग क्या नहीं करते और उसको चमकाने के लिए किसी भी हद तक जाने का मौका नहीं छोड़ते। अगर बात करें यूपी के इतिहास की तो ऐसा लगता है कि यहां अपने परिवार के लोगों की चिंता से ज्यादा यहां के नेताओं को अपनी राजनीति चमकाने से मतलब है। अगर बाप को सत्ता में आना है तो बेटी अपने ही बाप के खिलाफ होती दिख रही है।

चलती कार में Heroin का बनाया 1.5 करोड़ का Porn, देखें VIDEO

राजनीति के लिए परिवार के लोग ही एक दूसरे के खिलाफ जमकर प्रचार करते हुए उन पर कई प्रकार के आरोप लगा रहे हैं। इसका एक ही उद्वेश्य है अपनी राजनीति चमकाना चाहे इसके लिए किसी भी हद तक जाना पड़ जाए।


बाप—बेटी
दलितों की सबसे बड़े नेता  स्वामी प्रसाद मौर्य पिछड़ों के सबसे बड़े नेता बनने का दावा करते है और हर बार चुनावों से पहले दल—बदल लेते है। इस बार स्वामी सपा में शामिल हुए है लेकिन उनकी बेटी भाजपा में है और जमकर एक प्रचार कर रहे है। बेटी संघमित्रा को बीजेपी ने बाप के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा है और जनता पूछ रही है कि बाप—बेटी एक नहीं है तो जनता को कैसे एक करेंगे।

दुल्हन को दुल्हे ने मारा थप्पड़, गुस्साई दुल्हन ने Cousin से ही कर ली शादी,देखें VIDEO

पति—पत्नी
अदिति सिंह को लेकर कई प्रकार की खबरे आयी कि वह कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा और इस बार चुनावों से पले BJP का दामन थाम लिया। लेकिन उनके पतिदेव अब भी कांग्रेस के साथ है। पत्नी भाजपा के लिए और पति कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहा है। 


देवर—भाभी 
मुलायम सिंह यादव के परिवार के लोगों ने सपा का साथ छोड़ दिया है और बीजेपी का दामन थाम लिया है। इस बार चुनावों से मुलायम की दूसरी पत्नी की बहु अपर्णा यादव भी इस बार बीजेपी में शमिल हो गयी है। इस बात को लेकर सपा से जवाब बनता नहीं आ रहा है और एक तरफ देवर अखिलेश है तो दूसरी तरफ उनकी भाभी है। 
एक भाई बसपा में, दूसरा सपा में

भाई—भाई
अफजाल अंसारी बसपा में तो सिबगतुल्ला अंसारी ने समाजवादी पार्टी में शामिल है।

यूपी में सत्ता बनाने और गिराने में यूथ का सबसे बड़ा हाथ, इतिहास भी देता है इसकी गवाही

देवरानी—जेठानी 
मेनका गांधी और सोनिया गांधी की राजनीति यूपी में चलती है और यही से हमेशा चुनाव लड़ती आ रही है। 

मां-बेटी 
अपना दल दो गुटों में बट गया जिसमें अनुप्रिया पटेल और उनकी मां कृष्णा पटेल के बीच ही राजनीति वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है। इस बार चुनावों में एक ने बीजेपी के साथ जाने का फैसला किया तो दूसरी ने सपा के साथ जाने का फैसला किया।