यूपी में विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना ली है और इसके बाद स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद की 36 सीटों के चुनाव में भाजपा ने फिर अपना दमखम दिखाया है। 36 सीटों के लिए हुए चुनावों में बीजेपी के खाते में 33 सीटें आई है तो सपा अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
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तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है। एमएलसी चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी सुदामा पटेल को हार का सामना करना पड़ा है। सुदामा पटेल को हराने वाली निर्दलीय प्रत्याशी अन्नपूर्णा सिंह माफिया बृजेश सिंह की पत्नी हैं।
प्रतापगढ़ एमएलसी सीट पर बीजेपी प्रत्याशी हरि प्रताप सिंह को कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप सिंह के हाथों हार मिली है। आजमगढ़ में बीजेपी ने रमाकांत यादव के बेटे अरुणकांत यादव को प्रत्याशी बनाया था लेकिन पूर्व बीजेपी एमएलसी यशवंत सिंह ने अपने बेटे विक्रांत सिंह को निर्दलीय चुनावी मैदान में उतारकर बेटे को जीत दिलाई है। यूपी की 33 सीटों पर बीजेपी के एमएलसी चुने गए हैं, जिनमें से 9 सदस्य पहले ही निर्विरोध जीत चुके थे।
इस चुनावों के नतीजों पर विधानसभा चुनावों का असर देखने को मिला है लेकिन सपा की करारी हार ने अखिलेश की परेशानी बढ़ा दी है। सीएम योगी ने काम के नाम पर वोट मांगा और जनता ने उस पर मुहर लगाकर दूसरी बार सीएम बना दिया।
