Monday, 5 October 2026
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इस मंदिर के आगे फीकी पड़ी राम मंदिर की चमक, 150 किलो सोना और 1500 करोड़ के बजट ने उड़ाए होश

धर्म
इस मंदिर के आगे फीकी पड़ी राम मंदिर की चमक, 150 किलो सोना और 1500 करोड़ के बजट ने उड़ाए होश

भारत दुनिया का ऐसा देश है जहां मंदिर को बनाने के लिए लोग लाखों रूपए खर्च कर देते है। राम मंदिर के निर्माण को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है कि मंदिर का निर्माण बहुत ही भव्य होगा इसको बनाने के लिए करोड़ों रूपए खर्च होंगे। लेकिन आज हम आपको भारत के ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसको देखकर आप राम मंदिर को भुल जाएंगे और इसकी चमक के आगे राम मंदिर फिका पड़ गया है। 

तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के अलग होने के बाद तेलंगाना सरकार अपने राज्य में श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी के भव्य मंदिर निर्माण की योजना बनायी। इस मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने इतना बजट रखा की राम मंदिर का बजट भी इसके आगे कम पड़ गया है। हम आपको इस मंदिर के कुछ ऐसे तथ्य बताने जा रहे हैं जिसे आप जानकर इस मंदिर की भव्यता का अंदाजा लगा सकते हैं। इस मंदिर का नाम यदाद्री है।

1.इस मंदिर का निर्माण शास्त्रों के अनुसार किया गया है और इसके गर्भ गृह को छोड़कर पूरा मंदिर नए रूप में तैयार किया गया है।

2.मंदिर निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपए खर्च किये गये है जबकि राम मंदिर पर 1200 करोड़ रूपए खर्च करने की बात है।

3.इसके ​निर्माण में ब्लैक ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया गया है और इसी वजह से इसकी चमक हजारों सालों तक ऐसी ही बनी रहेगी।

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4.भगवान नरसिंग का मंदिर यदाद्रीगुट्टा पहाड़ी पर 510 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है जहां पर जाने के लिए 400 सीढ़ियां और लिफ्ट की व्यवस्था की गयी है।

5.मंदिर में ईंट और सीमेंट का इस्तेमल नहीं किया गया है और उसकी जगह गुड़, एलोवेरा, चूना, नारियल का जूट के मिश्रण ने बनाया गया लाइम मोर्टार का प्रयोग किया गया है जो सीमेंट से कई ज्यादा मजबूत होता है।

6.यह मंदिर 1000 साल तक खड़ा रहेगा और हर द्वार के शिखर पर सोने के कलश की स्थापना की गयी है।

7.इसमें 140 किलो सोना भी लगाया गया है जिसमें 125 किलों सोना तो गृर्भगृह की गुंबद में लगाया है। इसके लिए सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक से सोना खरीदने का फैसला किया।

8. इस मंदिर का निर्माण 5 साल के अंदर हुआ है जो ताजमहल को भी फेल करता है। मार्च 2022 में इस मंदिर को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।