ओडिसा रेल हादसे की खबर अभी ठंडी भी नहीं हुई थी उससे पहले बिहार में 10 मिनट में नदी में समाया 1700 करोड़ का पुल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लग गया। बताया जा रहा है की आने वाले 4 महीने बाद इसको हरी झंडी दिखाने की तैयारी की जा रही थी लेकिन उससे पहले ही यह पानी में ढूब गया। लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार का पुल सही समय पर गिरा है अगर बनने के बाद गिरता तो कई लोगों की जान भी जा सकती थी।
बिहार में खगड़िया-अगुवानी- सुल्तानगंज के बीच बना रहा पुल पलक झपकते ही तास के पत्तों के तरह ढह गया। शाम 6 बजे गंगा नदी में समा रहे इस पुल का वीडियो लोगों ने अपने मोबाइल में कैद किया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले पुल का एक पाया धंस गया तो लगा कुछ बड़ा होने वाला है और डर के कारण सब बाहर आ गए और फिर देखते —देखते ही पुल एक तरफ झुकना शुरू हो गया। 1700 करोड़ा का पुल महज 10 मिनट के भीतर ही गंगा नदी में समा गया। पहले भी इस पुल का हिस्सा तेज हवाओं के कारण गिरा था।
1710 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे निर्माणाधीन फोरलेन पुल का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2014 में किया था। पुल की लंबाई 3 किलोमीटर से ज्यादा की बताई जा रही है और इसका 80% निर्माण पूरा हो चुका था। सीएम नीतीश ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुल ध्वस्त होने के कारण किसी तरह की जनहानी नहीं हुई है लेकिन इसके कारण जानने की बात कही गई है।
इस पुल के बनने से बिहार और झारखंड के दूरी कम हो जाती है। नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा बिहार सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाला वीडिया है। नेताजी के कारण 1700 करोड़ का पुल पानी में बह गया लेकिन कमीश्नखोरी का खेल अभी भी जारी है।
