हर साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के साथ उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती है। करवा चौथ का दिन और संकष्टी चतुर्थी के रूप में जाना जाता है।
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इस दिन महिलाएं निर्जल व्रत रखती हैं और चांद को देखने के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं। महिलाएं इस दिन भगवान शिव व माता पार्वती और गणेश जी की पूजा करने के बाद चांद का देखकर वरदान मांगती है। इस बार शुभ योग होने के कारण आपकी हर मनोकामना पूरी होगी।
करवा चौथ, बृहस्पतिवार, 13 अक्टूबर 2022
पूजा मुहूर्त, शाम 06 बजे से रात 9 बजे तक
करवा चौथ पूजन सामग्री
छलनी, माता की तस्वीर, दीपक, अगरबत्ती, गेहूं, आसन, मिठाई के रूप में गुउ और श्रृंगार का सामान लेना जरूरी होता है। इसके साथ उनको करवा चौथ से जुडी कहानी भी सुननी चाहिए। इसके बाद चांद देखकर व्रत खोले और अपने पति के पैर छूकर आर्शिवाद लें।
