मोदी सरकार आने के बाद से कांग्रेस और राहुल गांधी की उल्टे दिन शुरू हो गए है क्योंकि उनको समझ नहीं आ रहा है कि वह करें तो क्या करें। वह जिस बात को लेकर बढ़ते है उस पर ही उनको मुंह की खानी पड़ती है चुनावों में मोदी को चोर कहा तो उसका परिणाम राहुल को अपनी संसद की सदस्यता खत्म करके चुकानी पड़ी है। लेकिन यह एक सामान्य प्रकिया के तहत हुआ है लेकिन कांग्रेस इसको लेकर बीजेपी पर हमला बोल रही है जबकि ऐसा पहले भी हुआ है।
बीजेपी चुनावों में राहुल गांधी के बयानों को ही अपना हथियार बनाती है और इस बार राहुल का बयान ही उनके लिए आत्मघाती साबित हुआ है। इस बयान को लेकर संसद सदस्यता रद्द कर दी गई और अगर हाई कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिलती है तो वह 8 साल के लिए राजनीति से बाहर हो जाएंगे।
अब क्या करेंगे Rahul Gandhi | Surat Court | PM Modi
इतने लंबे समय तक राजनीति से बाहर होने के बाद वह किस भूमिका में रहेंगे उसको लेकर भी चर्चा हो रही है। राहुल गांधी अपने गढ़ अमेठी से लोकसभा चुनाव हारे तो केरल के वायनाड पहुंच गए और भी अपना पूरा कार्यकाल नहीं कर पाए। अब उनका राजनीति भविष्य भी खतरे में पढ़ गया है।
खतरे में है राहुल की सियासत
राहुल गांधी 53 साल के होने जा रहे है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राहुल के लिए आगे का सफर बहुत मुश्किल भरा होगा। अगर राहुल कोकोर्ट से राहत नहीं मिलती है तो वह 60 साल की उम्र में चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस के नेता राहुल को पीएम का उम्मीदवार बनाने की बात करते है और इस फैसले के बाद यह दावेदारी भी खतरे में पड़ गई है।
