Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

श्री राम नहीं थे दशरथ के पुत्र, जानें इसकी वजह

उत्तर प्रदेश
श्री राम नहीं थे दशरथ के पुत्र, जानें इसकी वजह
यूपी विधानसभा चुनावों होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और इस चुनावों में सभी पार्टियां राम के नाम पर राजनीति करती हुई नजर आ रही है। वैसे भी यूपी का चुनाव बीना राम के कभी नहीं लड़ा गया है पहले राम मंदिर को लेकर राजनीति होती रही है और अब मंदिर पर नहीं केवल राम के नाम राजनीति हो रही है। यूपी चुनावों में इस बार बीजेपी राम मंदिर बनाने को लेकर जनता के सामने अपने पूराने चुनावी वादे को पूरा करने की बात कह रही है तो विपक्ष राम नाम सबका अधिकार होने की बात कह रहा है।

हाल ही में बीजेपी के एक सहयोगी दल ने राम को लेकर ऐसा बयान दिया है जो उसके लिए नई परेशानी खड़ी करता नजर आ रहा है। भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने राम को दशरथ का पुत्र नहीं बताकर श्रृंगी ऋषि का पुत्र होने की बात कही है। इस बयान के बाद सभी संतों में गुस्सा है और संतों ने कहा कि भाजपा को ऐसी सोच रखने वाली पार्टी के साथ गठजोड़ किसी भी प्रकार से सही नहीं है। अगर आने वाले दिनों में बीजेपी निषाद पार्टी के साथ गठबंधन खत्म नहीं करती है तो उसे चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने श्री राम को दशरथ का पुत्र न बताकर श्रृंगी ऋषि का पुत्र बताया है। उन्होंने बताया कि राजा दशरथ को जब संतान नहीं हुई तो उन्होंने श्रृंगी ऋषि से यज्ञ कराया था और इसके बाद संतान हुई। इस बयान के बाद पूरा विपक्ष बीजेपी से जवाब मांग रहा है और बीजेपी पर आरोप लगा रहा है कि बीजेपी केवल राम के नाम राजनीति करती है उनका सम्मान नहीं करती है। निषाद राज ने प्रभु श्री राम की सेवा  की और भगवान श्रीराम ने निषादराज को गले लगाकर अपने बराबर बैठाया, लेकिन निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद का भगवान राम के प्रति जो भाव दिखाया वह उनकी छोटी सोच को दर्शाता है। जो व्यक्ति सनातन धर्म और भगवान का विरोधी हो  उसके साथ किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखना चाहिए।