Monday, 5 October 2026
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बॉम्बे हाईकोर्ट:अब अपराध के श्रेणी मे नहीं आएगा होठों पर किस करना और शारीरिक अंगों को छूना  

रेसिपी
बॉम्बे हाईकोर्ट:अब अपराध के श्रेणी मे नहीं आएगा होठों पर किस करना और शारीरिक अंगों को छूना  

बॉम्बे हाई कोर्ट ने होंठों पर किस करना और शारीरिक अंगों को छूना अब भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 के तहत अप्राकृतिक श्रेणी का अपराध नहीं होगा। कोर्ट ने एक नाबालिग लड़के के यौन उत्पीड़न के आरोपी को जमानत देते हुए ऐसा आदेश दिया है। 14 वर्षीय लड़के के पिता ने पुलिस में शिकायत करते हुए अपने बेटे से साथ हुए अप्राकृतिक यौन अपराध के बारे में बताया था। आरोपी इस मामले में पिछले एक साल से जेल में है और उसे अब जमानत मिल गई है।

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इस घटना के बारे में बताया गया है कि जब लड़के के पिता की अलमारी से पैसे गायब मिले तो बेटे ने बताया की उसने आरोपी को पैसे दिए हैं। नाबालिग ने कहा कि एक दिन वह रिचार्ज कराने गया तो आरोपी ने उसके होठों पर चुंबन लिया और उसके गुप्तांगों को छुआ। लड़के के पिता ने आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 के तहत केस दर्ज करवाया था।


आईपीसी की धारा 377 में आजीवन कारावास की सजा होती है लेकिन जब लड़के का मेडिकल परीक्षण करवाया तो उसके यौन उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। आरोपी के खिलाफ लगाई गई धाराओं में अधिकतम 5 साल की सजा हो सकती है। पीड़ित के निजी अंगों को छुना और उसके होंठों को चूमना भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत यह प्रथम दृष्टया में अपराध नहीं है।