Monday, 5 October 2026
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होलिका दहन 2022: होलिका दहन के दिन भूलकर भी ना करें ये काम, हो जाएंगे बर्बाद

धर्म
होलिका दहन 2022: होलिका दहन के दिन भूलकर भी ना करें ये काम, हो जाएंगे बर्बाद

फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होलिका का त्योहार मनाया जाता है और इस बार 17 मार्च का यह पर्व मनाया जा रहा है। होलिका दहन के पीछे एक प्राचीन कथा जुड़ी है जिसके कारण होलिका का दहन किया जाता है। दहन करने का भी शुभ मुहूर्त होता है और उसी समय उसका दहन करना जरूरी होता है। बताया जाता है कि भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को हिरण्यकश्यप ने होलिका की गोद में बैठाकर जिंदा जलाने का प्रयास किया था लेकिन होलिका खुद ही जल गयी और इसी वजह से हर साल होली का पर्व मनाया जाता है। दहन का त्योहार मनाया जाता है.  होलिका दहन का मतलब बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। 

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होलिका दहन के दिन भूलकर भी ना करें ये गलतियां

होलिका दहन का मतलब है कि किसी बुराई का अंत होना और इसी वजह से नवविवाहित महिलाओं को इस अग्नि को जलते हुए नहीं देखना चाहिए। अगर वह ऐसा करती है ​तो उनकी जिंदगी में बड़ी मुश्किले आ सकती है। 

होलिका दहन के दिन आपको किसी प्रकार का उधार नहीं देना चाहिए अगर आप ऐसा करते है तो धन की देवी लक्ष्मी आप के घर से चली जाएगी। व्यक्ति को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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होलिका दहन के दिन आपको गोबर से बनी चीजों को अग्नि में डालना चाहिए और ऐसा करने आपके जीवन से भी दोष दूर हो जाएंगे। 

होलिका दहन के लिए पीपल, बरगद और तुलसी की लकड़ी का इस्तेमाल नही करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी जिंदगी में बड़े बदलाव होंगे जिससे आपकी जिंदगी में खुशहाली आएगी।
 

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

होलिका दहन बृहस्पतिवार, मार्च 17, 2022 को शुभ मुहूर्त रात में 9 बजकर 16 मिनट से लेकर 10 बजकर 15 मिनट तक ही रहेगा।