इन दिनों देश में मस्जिद विवाद को लेकर कई प्रकार बाते सामने आ रही है और इसी वजह से मुस्लिम संगठन संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद ने बड़े धर्मगुरूओं का सम्मेलन करने का ऐलान किया है। देवबंद के कासिमपुरा रोड स्थित ईदगाह मैदान में इसका आयोजन होगा। इस सम्मेलन में देश के 25 राज्यों से करीब 2 हजार मुस्लिम संगठनों से जुड़े लोग शामिल होंगे।
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इस सम्मेलन का मुख्य एजेंडा ज्ञानवापी-शृंगार गौरी विवाद, कुतुबमीनार और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के साथ अन्य धार्मिक मुद्दे शामिल हैं। सम्मेलन की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष और पूर्व सांसद मौलाना महमूद मदनी करेंगे।
इस संगठन से जुड़े लोगों ने बताया कि इस सम्मेलन का समय मार्च में ही तय कर दिया गया था और उस समय देश में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था। लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसमें ज्ञानवापी, मथुरा और कुतुबमीनार मसले पर चर्चा नहीं होगी।
मौलाना महमूद मदनी ज्ञानवापी मसले पर पहले कहा था, 'ज्ञानवापी मस्जिद का मामला कोर्ट में है और इसको लेकर सड़कों पर किसी प्रकार का प्रदर्शन नहीं करें। कुछ असामाजिक तत्व दो समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो जोश में आकर सार्वजनिक भाषणबाजी देकर गलत संदेश नहीं दे।
पुलिस प्रशासन ने उलमाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए है और अन्य जिलों से एक्ट्रा फोर्स मंगवाई गई है। सम्मेलन को लेकर पूरी तैयारियां पुलिस प्रशासन ने कर ली गई। पांच बीघा जमीन में फुल कवर्ड AC पंडाल तैयार किया गया है।
