Monday, 5 October 2026
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पुरानी शिवसेना V/S नई शिवसेना

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पुरानी शिवसेना V/S नई शिवसेना

 

पहले तीर कमान को बचाने की कवायद और अब सम्पत्ति को...जी हां शिवसेना जद्दोजहद में है...क्या करना है और क्या नही करना है....17 फरवरी 2023 को चुनाव आयोग के एक फैसले ने देश की राजनीति में उथल पुथल मचा दी है....शिवसेना किसकी होगी , इसके फैसले ने राजनीति के कई बडे सिपहसालारों को सोचने पर मजबूर कर दिया है और अब पतली गलियां खंगाली जा रही है....दरअसल एकनाथ शिंदे की बगावत और मुख्यमंत्री बनने के बाद से शिवसेना के सिम्बल को लेकर लगातार विवाद चल रहा था...जिसे 17 फरवरी को चुनाव आयोग ने विराम दे दिया...चुनाव आयोग ने .उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका देते हुए, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके पक्ष को शिवसेना का नाम और तीर-कमान का चिह्न दे दिया....और उसके बाद एकनाथ शिंदे को पार्टी के ‘मुख्य नेता’ के रूप में चुन लिया गया औऱ ‘मुख्य नेता’ का पद ‘शिवसेना प्रमुख’ के पद के बराबर ही बनाया गया है।

अब आप सोच रहे होंगे आगे क्या होगा...दरअसल अब लडाई शिवसेना की चल अचल सम्पत्ति को लेकर शुरु हो गई है... शिवसेना के बाकी दफ्तरों और प्रॉपर्टी का बंटवारा कैसे होगा, किसे क्या मिलेगा, ये सवाल अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही तय होना है। वहीं आंकडो की बात करें तो शिवसेना के पास अभी 191.82 करोड़ की चल-अचल संपत्ति है। इसके अलावा मुंबई में 280 और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 82 शाखा दफ्तर हैं..जिस पर उद्धव ठाकरे गुट का कब्जा है......

चुनाव आयोग के फैसले के बाद अब चर्चा राजनीतिक हलकों में जोरो से है की ये है कि शिवसेना भवन समेत राज्यभर में मौजूद पार्टी दफ्तरों पर किसका कब्जा होगा l CM एकनाथ शिंदे भले ही कह रहे हैं कि पुरानी शिवसेना से उन्हें सिर्फ बाला साहेब के विचार चाहिए, लेकिन मौजूदा संविधान के मुताबिक पार्टी पर कब्जा और कोषाध्यक्ष नियुक्त करते ही पूरी प्रॉपर्टी और फंड खुद-ब-खुद नई शिवसेना के पास आना स्वाभाविक है ....क्योकि आने वाले चुनावों को लेकर जो फंड की जरूरत पड़ेगी तो ऐसे में क्या शिंदे की शिवसेना ये फंड छोड़ देगी?

वही उद्धव ठाकरे गुट की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश एडवोकेट कपिल सिब्बल ने बताया था कि शिवसेना ऑफिस पर कब्जा किया जा चुका है। अगर चुनाव आयोग के फैसले पर रोक नहीं लगाई गई, तो शिंदे ग्रुप उनके बैंक अकाउंट भी हासिल कर लेगा। अब सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई में ही ये सब तय होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगली सुनवाई 15 मार्च को हो सकती है।