वहीं भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कहा कि स्टूडेंट एक्टिविटी रूम में एबीवीपी कार्यकर्ताओं की बैठक चल रही थी और इसी दौरान एआईएसए, एसएफआई और अन्य वामपंथी दलों के सैंकडों लोग वहां पहुंचे और एबीवीपी पदाधिकारी, लड़कियां और दिव्यांग छात्र पर हमला कर दिया।अखिल भारतीय वद्यिार्थी परिषद, वाम गठबंधन आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बीच झड़प हो गई जिसमें लगभग 10 से ज्यादा छात्र घायल हो गये। इन संगठनों में कई बार ऐसी हिंसक झड़प हो चुकी है और इस घटना के बाद कई राजनीतिक पार्टियां इस मामले पर राजनीति करना भी शुरू कर देती है।
जेएनयू हमेशा से विवादों में रही है और इस घटना के बाद वश्विवद्यिालय प्रशासन को सख्त कार्यवाही करनी चाहिए जिससे ऐसी घटनाएं ना हो सके।घटना से संबंधित औपचारिक शिकायत दिल्ली पुलिस में की है और झड़प में गंभीर रूप से घायल लोगों का नयी दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती करवाया गया है। यह घटना रविवार रात करीब 10 बजे विश्वद्यिालय के छात्र संघ कार्यालय में हुई थी। इससे पहले जनवरी 2020 ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने लेफ्ट संगठनों पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। छात्र ने कहा विंटर सेशन के रजिस्ट्रेशन को लेकर झगड़ा हुआ था और लेफ्ट के छात्रों ने ही सर्वर रूम को नुकसान पहुंचाया ताकि रजिस्ट्रेशन बाधित हो जाए।
