यूपी में इन दिनों माफियों के उल्टे दिन फिर हुए है और एक के बाद एक बड़े माफियों पर कोर्ट के साथ यूपी सरकार अपना डंडा चला रही है। अतिक अहमद का मामला अभी शांत ही हुआ था कि माफिया अंसारी भाईयों का भी नंबर लग गया है। आज माफिया मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर मामले में गाजीपुर की MP/MLA कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है तो वहीं, गैंगस्टर एक्ट में ही मुख्तार के भाई सांसद अफजाल को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए 4 साल की सजा सुनाई है।
एक ही दिन दोनों को सजा मिली है और इसके बाद चर्चा होने लगी है कि अतिक के बाद अंसारी का नंबर लगेगा। वहीं अफजाल की संसद सदस्यता भी खत्म हो जाएगी क्योंकि उसको 2 साल से ज्यादा की सजा मिली है। कोर्ट ने मुख्तार को कृष्णानंद राय की हत्या कारोबारी नंद किशोर रुंगटा की अपहरण-हत्या में इनका नाम शामिल था।
पिछले दिनों अफजाल अंसारी ने कहा कोर्ट हमें बरी कर चुका है। ऐसे में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे का कोई आधार नहीं है। लेकिन कोर्ट से उनको किसी प्रकार की राहत नहीं मिली और उनको सजा सुनवाई है।
पिछले साल 23 सितंबर 2022 को दोनों भाई पर गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोप तय हुए थे और इसके बाद साफ हो गया था कि दोनों को सजा होगी। मुख्तार अंसारी को पहले भी सजा मिली चुकी है लेकिन वह सभी मामलों में जमानत लेकर बाहर है।
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दोनों भाईयों पर सैकड़ों केस चल रहे है और अतिक की तरह इनको भी कोर्ट से सजा मिली है। लेकिन चर्चा हो रही है कि इनका कैसे सफाया होगा गाड़ी पलटेगी या फिर गोलियां चलेगी। वहीं इस मामले को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है कि यूपी में अब अपराधी नाम की कोई चीज नहीं रहेगी बाबा जी ने जो बोला वह कर दिया है। अब अंसारी भाईयों का क्या होगा उसको लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि राम की मर्जी या अल्ला की मर्जी पर जो होगा वह अच्छा होगा।
