The Kashmir Files के बाद एक बार फिर से एक नई फिल्म को लेकर विवाद शुरु हो गया है....दरअसल ये विवाद फिल्म में दिखाए गए, इस्लामिक जिहादी-आतंकवाद को लेकर है......सच्ची घटना पर आधारित फिल्म की कहानी में उन लडकियों का दर्द दिखाया गया है जो इस्लामी आंतकवाद की शिकार हुई है.....जी हां हम बात कर रहे है द केरला स्टोरी की....पर्दे पर रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर शुरु हुआ विवाद राजनीति के दरवाजों तक पहुंच गया है......
ग्राफिक्स-
एक ऐसी फिल्म जो आपको असलियत की दुनिया से रूबरू कराने के साथ आपको सोचने पर मजबूर करदे कि आखिर ऐसा क्यों होता हैं...आज आपको रूबरू करवाएँगे एक ऐसी ही कहानी से... जिस फिल्म के निर्माता Vipul Amrutlal Shah हैं...लंबे इंतजार के बाद The Kerala Story का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है जिसमे सच्चाई को बखूबी दिखाया गया हैं कि कैसे ISIS के आतंकियों के हरम में हिन्दू लड़कियों को पहुंचाया जाता था.. इसको जिहादियों की आदत कहे या उनकी हैवानियत.. कुल मिलाकर इस फिल्म में क्रूरता और बड़ी हैवानियत ढंग से दिखाया गया हैं..सुदीप्तो सेन ने इस फिल्म की कहानी लिखी और इसे निर्देशित किया है…जिसमे 32 हज़ार लड़कियों के गायब होने की घटना को भी दर्शाया गया हैं...
इसमें दावा किया गया है कि लापता महिलाओं का धर्मांतरण किया गया, उन्हें कट्टरपंथी बनाया गया, साथ ही भारत और दुनिया में आतंकी गतिविधियों में उन्हें लगाया गया..फिल्म में अदा शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई हैं.. इस फिल्म के ट्रैलर में ही सालों से लड़कियों के साथ हो रही बर्बरता को सच्चाई के साथ पेश किया गया हैं..लेकिन इसका भी विरोध करना भी तालिबानी सोच को दर्शा रहा हैं.. और फिल्म पर रोक लगाने की मांग उठ रही हैं..
आपको बता दें कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने इस फिल्म को लेकर ट्विटर के जरिए प्रतिक्रिया दी हैं..उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ''यह 'आपकी' केरल स्टोरी हो सकती है. यह 'हमारी' केरल स्टोरी नहीं है.'' तो वहीं दूसरी तरफ फिल्म को लेकर घमासान मचा है...केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने फिल्म के निर्माताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे फिल्म के जरिये ‘लव जिहाद’ का मुद्दा उठाकर राज्य को धार्मिक अतिवाद के केंद्र के रूप में पेश करने संबंधी संघ परिवार के एजेंडे का प्रचार कर रहे हैं..विजयन ने कहा कि ‘लव जिहाद’ जैसे विषय को अदालतें, जांच एजेंसियां और यहां तक कि केंद्रीय गृह मंत्रालय भी खारिज कर चुका है.
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उन्होंने कहा कि हिंदी फिल्म का 'ट्रेलर' पहली नजर में ऐसा मालूम होता है कि मानो इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने और राज्य के खिलाफ नफरत फैलाने के कथित उद्देश्य से ‘जानबूझकर निर्मित’ किया गया है.... विजयन ने एक बयान में कहा कि इस तरह की प्रचार फिल्मों और उनमें दिखाए गए मुसलमानों के अलगाव को केरल में राजनीतिक लाभ हासिल करने के संघ परिवार के प्रयासों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. उन्होंने संघ परिवार पर ‘सांप्रदायिकता का जहरीला बीज बो कर’ राज्य में धार्मिक सद्भाव को नष्ट करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया.
