हिंदू देवताओं में सबसे पहले गणेश जी को स्थान मिला है अगर इनकी कृपा नहीं होगी तो आपका कोई भी काम सफल नहीं होगा। इसलिए प्रथम पुज्य श्री गणेश को सभी कामों में पहले पूजा जाता है। अब गणेश चतुर्थि का पावन पर्व आने वाला है और भक्तगण अभी से तैयारी में जुट गए है। लेकिन बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि गणेश का वाहन मूषक ही क्यो बना। भगवान गणेश जी की मूषक सवारी होने के पीछे एक रोचक कहानी है।
Tiktok Star और बीजेपी नेता Sonali Phogat का निधन!
एक पौराणिक कथा के अनुसार बताया जाता है कि गजमुखासुर नामक असुर को ऐसा वरदान मिला था कि वह किसी भी अस्त्र और शस्त्र से नहीं मर सकता था। तब गणेश जी ने अपने एक दांत से वार किया तो वह मूषक बनकर भागने लगा और अपने प्राणों की भीख मांगने लग गया। तब गणेश जी ने उसे अपना वाहन बनाया और उसे नया जीवनदान दिया।
एक बड़े मूषक ने महर्षि पराशर के आश्रम में उत्पात मचाया और आश्रम में रहने वाले सभी लोगों के वस्त्र और ग्रंथों को काट दिया। पराशर ने गणेश जी से सहायता मांगी तो उन्होंने मूषक को पकड़ने आ गए। पकड़ने के दौरान दोनों पाताल लोक पहुंच गए तो पाश ने मूषक को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों ने एक दूसरे से कुछ मांगा तो गणेश जी ने कहा तुम मेरे वाहन बन जाओं तो वह मूषक गणेश का वाहन बनने के लिए तैयार हो गया।
