महाराणा प्रताप सेना का दावा, अजमेर शरीफ दरगाह में मिले मंदिर होने के सबूत
देश में मंदिर-मस्जिद की लड़ाई जोर पकड़ती जा रही है, वाराणसी में ज्ञानवापी के सर्वे के बाद देश भर में मंदिर-मस्जिद को लेकर बहस छिड़ गई है, अलग-अलग राज्य में लगातार मंदिर-मस्जिद को लेकर दावे हो रहे हैं, सर्वे करवाने की मांग उठाई जा रही है, अब मंदिर-मस्जिद विवाद ने राजस्थान में दस्तक दी है
Pak हसीनाओं की खूबसूरती में मदहोश हुए सेना के जवान!
अजमेर की हजरत ख्वाजा गरीब दरगाह को अब मंदिर होने का दावा किया जा रहा है, ये दावा कर रही है महाराणा प्रताप सेना, राजस्थान की महाराणा प्रताप सेना ने अजमेर की हजरत मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को पूर्व में मंदिर होने का दावा करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से सर्वे करवाने की मांग की है। महाराणा प्रताप सेना के राजवर्धन सिंह परमार ने दावा किया कि दरगाह की दीवारों और खिडकियों में हिन्दू धर्म से संबंधित चिह्न है,
परमार ने मांग है कि एएसआई द्वारा दरगाह का सर्वे करवाया जाए। वही अजमेर दरगाह की खादिम कमेटी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि वहां इस तरह का कोई चिह्न नहीं है, ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर सवाल उठाने का मतलब उन करोड़ो लोगो की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है, जो अपने-अपने धर्म को मानने वाले हैं और यहां आते हैं।

महाराणा प्रताप सेना प्रमुख परमार ने कहा कि अगर कोई समाधान नहीं किया गया तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, 2000 की संख्या में प्रताप सेना के कार्यकर्ता अजमेर जाएंगे और आंदोलन करेंगे. साथ ही कोर्ट का रुख भी किया जा सकता है, वहीं परमार ने सीएम अशोक गहलोत और केंद्र सरकार को भी पत्र लिख कर इसकी जांच कराने की मांग की है।





