Modi द्वारा Gehlot की तारीफ पर Pilot का कटाक्ष! पार्टी में सबके लिए नियम बराबर
राजस्थाम में राजनीतिक उठापटक एक बार फिर शुरु हो गई है। वहीं आज अपने जयपुर आवास पर मीडिया से मुखातिब होते हुए सचिन पायलट ने आज कई मसलों पर खुलकर बातचीत की...पायलट ने कहा कि कल प्रधानमंत्री यहां आए थे हम सबको उम्मीद थी कि वह मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देंगे...लेकिन ऐसा हुआ नहीं...ऐसा शायद इसलिए उन्होंने नहीं किया क्योंकि यहां कांग्रेस की सरकार है...हम सबको उम्मीद थी हमारी सरकार ने केंद्र सरकार को आग्रह भी किया था इस धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाएं...वहीं प्रधानमंत्री ने ERCP के बारे में भी कुछ नहीं कहा...जबकि प्रधानमंत्री ने अपने मुंह से यह कमिटमेंट किया था उसका हमें खेद है मुझे उम्मीद थी कि यह कर देंगे लेकिन उन्होंने किया नहीं...प्रधानमंत्री ने कल जो तारीफ की वह दिलचस्प घटनाक्रम है।
Modi द्वारा Gehlot की तारीफ पर Pilot का सीधा कटाक्ष
मुख्यमंत्री ने खुद ने माफी मांगी
जहां तक राजस्थान के घटनाक्रम बात है 25 सितंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी वह बैठक हो नहीं पाई थी उसके लिए मुख्यमंत्री ने खुद ने माफी मांगी थी...पार्टी से भी और हमारे पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी...उन सब का संज्ञान लेने के बाद एआईसीसी ने इसे इंडिसीप्लिन का मामला माना...3 लोगों को नोटिस दिए गए नोटिस के बाद यह जानकारी में आया है कि जवाब दिए गए हैं...हमारी पार्टी अनुशासित है इस पार्टी में हम सबके लिए नियम कायदे बराबर है...जो नोटिस दिया गया है उसके जवाब मांगे गए हैं उस पर भी शीघ्र निर्णय लिए जाने चाहिए...कानून, डिसिप्लिन व अनुशासन सब पर लागू है... खड़गे ने पदभार संभाला है ऐसा तो हो नहीं सकता की अनुशासनहीनता मानी गई हो और उस पर निर्णय नहीं लिया जाए...राजस्थान के संदर्भ में निर्णय लेने की जो बात है वेणुगोपाल ने कहा था कि इस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा...हम सब चुनाव में लगे हुए हैं जल्दी ही गुजरात के चुनाव की घोषणा भी हो जाएगी...अनुशासन के मामले में वेणुगोपाल के संज्ञान में है राजस्थान में यह जो अनुशासनहीनता का मामला बना हुआ है इस पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए...
विधायक दल की बैठक हुई नहीं जबकि कोई समानांतर बैठक हुई पार्टी इस पूरे मामले को जानती है...इस मामले को ठीक करने का समय आ चुका है और पार्टी निर्णय लेगी...
समय कम बचा है निर्णय AICC को लेने हैं- पायलट
सभी निर्णय AICC को लेने हैं...किस को किस पद पर बैठाना है क्या जिम्मेदारी देनी है इसका निर्णय भी एआईसीसी लेगी...समय कम बचा है केवल 13 महीने का समय बचा है जो भी निर्णय लेने हैं कदम उठाने हैं वह कार्रवाई विधायक दल की बैठक की तौर पर भी नहीं हो सकी थी...लेकिन अभी चुनाव भी चल रहे हैं इंपॉर्टेंट चुनाव है दोनों राज्यों में हम जीत हासिल कर रहे हैं यह इच्छा हमारी है।





