अमेरिका ने आतंक के आका जवाहिरी को मौत के घाट उतारा
अमेरिका को आतंक के खिलाफ ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिली है और काबुल में ड्रोन हमले में अल कायदा सरगना अयमान अल-जवाहिरी को मार गिराया है. जवाहिरी की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने खुद व्हाइट हाउस से जानकारी दी कि CIA ने ड्रोन स्ट्राइक में अल जवाहिरी को मार गिराया है। ये वो ही अल जवाहिरी था जिसके तार 11 सितंबर 2001 को अमेरिका के ट्विन टॉवर पर हुए विमान हमलों से जुड़े थे। इस हमले में 2977 लोगों की मौत हो गई थी,अल जवाहिरी पर 25 मिलियन डॉलर यानी 1.97 अरब रुपए का इनाम रखा गया था।
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अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को अप्रैल में जवाहिरी के काबुल में छिपे होने की जानकारी मिली थी. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के माध्यम से उसकी पत्नी, बेटी और परिवार की पहचान की गई, जवाहिरी के घर में मौजूद महिलाएं आतंकवादी 'ट्रेडक्राफ्ट' का इस्तेमाल करती थीं. इसे इस तरह से डिजाइन किया गया था कि काबुल में जवाहिरी की लोकेशन की जानकारी सामने न आए. इतना ही नहीं जवाहिरी भी घर से बाहर नहीं निकला, जवाहिरी कब कब घर की बालकनी पर आता है. अमेरिकी अधिकारी लगातार उसकी गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे. इसके तहत ऑपरेशन तैयार किया गया, अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात का भी ध्यान रखा कि नागरिकों को नुकसान न पहुंचे, प्लान लीक न हो, इसे भी ध्यान में रखा गया, इसलिए काफी सीमित लोगों को इस प्लान में शामिल किया गया।

अल कायदा चीफ अल जवाहिरी अपनी एक खास आदत की वजह से मारा गया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जवाहिरी को बार-बार अपने घर की बालकनी पर आने की आदत थी, जो उसे भारी पड़ गई. बालकनी में आने की आदत की वजह से अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के अधिकारियों को जवाहिरी के काबुल में छिपे होने की भनक लग गई और उन्होंने रिपर ड्रोन से हेलफायर मिसाइलें दागकर जवाहिरी का काम तमाम कर दिया।
वहीं अमेरिका द्वारा काबुल में किए गए इस ऑपरेशन की तालिबान ने निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, अमेरिका ने अपने इस मिशन की जानकारी तालिबान को भी नहीं दी थी।

