सीएम गहलोत ने फिर पायलट गुट के मंत्रियों पर कसा तंज, मुरारीलाल ने दिया जवाब
राजस्थान में कांग्रेस की गुटबाजी अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है और नये मंत्रिमडंल के गठन के बाद भी सीएम गहलोत पायलट गुट पर तंज कसना नहीं छोड़ रहे हैं। 12 दिसंबर को महंगाई के खिलाफ होने वाली रैली की तैयारी बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पायलट गुट के मंत्रियों और विधायकों पर फिर तंज कसा है।
गहलोत ने कहा कि कहा कि आज आप मंत्री इसीलिए हो कि 80 लोग छोड़कर नहीं गए थे नहीं तो आप मंत्री नहीं होते। आप लोगों ने तो साथ छोड़ दिया था लेकिन 80 विधायक रुके और हमें छोड़कर नहीं गए इसलिए हमारी सरकार बची है। इससे पहले 30 नवंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में गहलोत ने नाम लिए बिना तंज कसते हुये कहा था कि 19 लोग छोड़कर चले गए थे तो सरकार संकट में आ गई थी। लेकिन हमारे साथ निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आने वाले साथियों ने साथ नहीं दिया होता तो गिर जाती।
सीएम के इस बयान पर पायलट गुट के मुरारीलाल मीणा ने बैठे-बैठे ही सीएम से कहा- मुख्यमंत्रीजी अब तो 19-19 बोलना बंद कर दीजिए। अब तो सब बदल गया है। दिल्ली से आये वेणुगोपाल- माकन के सामने सीएम का यह बयान इस बात की ओर संकेत कर रहा है कि अभी भी इन दोनों के बीच मनमुटाव है।
मंत्रिपरिषद पुनर्गठन के बाद अब नए सिरे से मंत्रियों को अलग-अलग जिलों का प्रभारी बनाया गया है। सीएम ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह एक बार और मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कर सकते हैं।
रमेश मीणा को भरतपुर , उदयलाल आंजना को राजसमंद, शाले मोहम्मद को टोंकमहेंद्र जीत सिंह को अजमेर, महेश जोशी को भीलवाड़ा , रामलाल जाट को उदयपुर , प्रमोद जैन भाया को झालावाड़ , विश्वेंद्र सिंह को दौसा,डॉ. बी डी कल्ला को अलवर , शांति धारीवाल को जयपुर, प्रताप सिंह खाचरियावास को चित्तौड़गढ़, हेमाराम चौधरी को जैसलमेर, परसादी लाल मीणा को कोटा लालचंद कटारिया को बीकानेर,ममता भूपेश को झुंझुंनू, गोविंद राम मेघवाल को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़।
गहलोत ने कहा कि कहा कि आज आप मंत्री इसीलिए हो कि 80 लोग छोड़कर नहीं गए थे नहीं तो आप मंत्री नहीं होते। आप लोगों ने तो साथ छोड़ दिया था लेकिन 80 विधायक रुके और हमें छोड़कर नहीं गए इसलिए हमारी सरकार बची है। इससे पहले 30 नवंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में गहलोत ने नाम लिए बिना तंज कसते हुये कहा था कि 19 लोग छोड़कर चले गए थे तो सरकार संकट में आ गई थी। लेकिन हमारे साथ निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आने वाले साथियों ने साथ नहीं दिया होता तो गिर जाती।
सीएम के इस बयान पर पायलट गुट के मुरारीलाल मीणा ने बैठे-बैठे ही सीएम से कहा- मुख्यमंत्रीजी अब तो 19-19 बोलना बंद कर दीजिए। अब तो सब बदल गया है। दिल्ली से आये वेणुगोपाल- माकन के सामने सीएम का यह बयान इस बात की ओर संकेत कर रहा है कि अभी भी इन दोनों के बीच मनमुटाव है।

मंत्रिपरिषद पुनर्गठन के बाद अब नए सिरे से मंत्रियों को अलग-अलग जिलों का प्रभारी बनाया गया है। सीएम ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह एक बार और मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कर सकते हैं।
रमेश मीणा को भरतपुर , उदयलाल आंजना को राजसमंद, शाले मोहम्मद को टोंकमहेंद्र जीत सिंह को अजमेर, महेश जोशी को भीलवाड़ा , रामलाल जाट को उदयपुर , प्रमोद जैन भाया को झालावाड़ , विश्वेंद्र सिंह को दौसा,डॉ. बी डी कल्ला को अलवर , शांति धारीवाल को जयपुर, प्रताप सिंह खाचरियावास को चित्तौड़गढ़, हेमाराम चौधरी को जैसलमेर, परसादी लाल मीणा को कोटा लालचंद कटारिया को बीकानेर,ममता भूपेश को झुंझुंनू, गोविंद राम मेघवाल को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़।





