कोरोना के नये वैरिएंट पर असरदार नहीं होंगे विदेशी टीके, जानें कितनी असरदार होगी भारतीय वैक्सीन!
कोरोना के नये वैरिएंट को लेकर पूरी दुनिया की चिंताए बड़ी हुई है और आने वाले दिनों कई देशों को इस नये वैरिएंट का सामना करना पड़ सकता है। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि इस नये वैरिएंट का प्रभाव उन लोगों पर भी हो रहा है जो वैक्सीन लेकर अपने को पूरी तरह से सुरक्षित मान रहे थे। नये वैरिएंट पर टीके का कितना असर होगा इसको लेकर
फाइजर, बायोएनटेक ने इसकी प्रभावकारिता को लेकर कुछ भी नहीं कह पा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर संदेह जाताया है किओमाइक्रोन वायरस का इलाज करने में उनके टीके कितने प्रभावी होंगे।
विदेशी टीके नहीं होंगे कारगर
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस नये वायरस के खतरे को लेकर कहा कि कोरोना वायरस के एक नए वायरस ने अब फिर से दुनिया भर में खतरे की घंटी बजा दी है। इस नए वायरस 'ओमाइक्रोन' पर मौजुदा उपलब्ध कोविड -19 टीकाकरण के खिलाफ अप्रभावी है।
इस खतरनाक वायरस को लेकर स्पुतनिक ने दावा किया है वह "100 दिनों के भीतर" इस संस्करण के खिलाफ एक नया और अधिक शक्तिशाली टीका विकसित करेगी। इस प्रकार के बयान को देखकर लग रहा है कि फाइजर और बायोएनटेक ने अपनी आंशका जता दी है और अब वह नयी वैक्सीन को लेकर तैयारी में लग गये है। फाइजर और बायोएनटेक ने कहा है कि नया वायरस पहले से बहुत ज्यादा अलग है और आने वाले दिनों में 'ओमाइक्रोन' पर अधिक जानकारी मिल सकेगी।

क्या भारतीय टीके होंगे कारगर?
नये वैरिएंट को लेकर भारत सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी करने के साथ इसको रोकने की तैयारियों में लग गयी है। इस वायरस पर भारतीय वैक्सीन ज्यादा कारगर साबित हो सकती है क्योंकि भारत और अफ्रीका के मौसम में कुछ समानता है। भारतीय वैक्सीन नये वैरिएंट पर अगर असरदार नहीं होती है तो यह भारत के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।
फाइजर, बायोएनटेक ने इसकी प्रभावकारिता को लेकर कुछ भी नहीं कह पा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर संदेह जाताया है किओमाइक्रोन वायरस का इलाज करने में उनके टीके कितने प्रभावी होंगे।
विदेशी टीके नहीं होंगे कारगर
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस नये वायरस के खतरे को लेकर कहा कि कोरोना वायरस के एक नए वायरस ने अब फिर से दुनिया भर में खतरे की घंटी बजा दी है। इस नए वायरस 'ओमाइक्रोन' पर मौजुदा उपलब्ध कोविड -19 टीकाकरण के खिलाफ अप्रभावी है।
इस खतरनाक वायरस को लेकर स्पुतनिक ने दावा किया है वह "100 दिनों के भीतर" इस संस्करण के खिलाफ एक नया और अधिक शक्तिशाली टीका विकसित करेगी। इस प्रकार के बयान को देखकर लग रहा है कि फाइजर और बायोएनटेक ने अपनी आंशका जता दी है और अब वह नयी वैक्सीन को लेकर तैयारी में लग गये है। फाइजर और बायोएनटेक ने कहा है कि नया वायरस पहले से बहुत ज्यादा अलग है और आने वाले दिनों में 'ओमाइक्रोन' पर अधिक जानकारी मिल सकेगी।

क्या भारतीय टीके होंगे कारगर?
नये वैरिएंट को लेकर भारत सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी करने के साथ इसको रोकने की तैयारियों में लग गयी है। इस वायरस पर भारतीय वैक्सीन ज्यादा कारगर साबित हो सकती है क्योंकि भारत और अफ्रीका के मौसम में कुछ समानता है। भारतीय वैक्सीन नये वैरिएंट पर अगर असरदार नहीं होती है तो यह भारत के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।





