देश की पहली युवा राष्ट्रपति बनी मुर्मू
भारत के इतिहास में दूसरी बार महिला और पहली बार आदिवासी महिला राष्टपति के रूप् में द्रौपदी मुर्मू ने राष्टपति पद की शपथ ग्रहण कर ली है। नई राष्ट्रपति के तौर पर द्रौपदी मुर्मू ने शपथ ग्रहण कर ली है और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। 15वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली और उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई है। पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मुर्मू ओडिशा की रहने वाली हैं और वे इससे पहले झारखंड की राज्यपाल भी रही हैं।
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उपराष्ट्रपति एमण् वेंकैया नायडूए पीएम मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरलाए मंत्रिपरिषद के सदस्यए राज्यपालए मुख्यमंत्रीए राजनयिक मिशनों के प्रमुखए संसद सदस्य और सरकार के प्रमुख असैन्य एवं सैन्य अधिकारी समारोह में मौजूद रहे। मुर्मू आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली और शीर्ष पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति बनी है। इससे पहले पीएम मोदी भी आजाद भारत के पहले पीएम बने थे और अब दोनों पद आजाद भारत में पैदा हुए शख्स विराजमान है।

मुर्मू ने सांसदों और विधायकों के 64 प्रतिशत से अधिक वैध वोट प्राप्त किए और भारी मतों के अंतर से चुनाव जीता हैए मुर्मू को 6ए76ए803 वोट मिले और वह देश की 15वीं राष्ट्रपति चुनी गई। आदिवासी समाज भारत के विकास में सबसे अहम योगदान देता है लेकिन इसके बाद सालों से इस वर्ग को उचित सम्मान नहीं मिल पाया था लेकिन मुर्मू के चुने जाने से आदिवासी समाज को उचित सम्मान मिला है।





