जम्मू-कश्मीर में 25 लाख नए वोटर क्या बनाएंगे बीजेपी की सरकार, समझे पूरा प्लान
आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद से इस साल के अंत तक पहली बार चुनाव होने जा रहे है। चुनाव के पहले कई विवाद सामने आ रहे है और विपक्ष इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साध रहा है। इस बार गैर कश्मीरियों को वोट देने का अधिकार देने की तैयारी की जा रही है और अगर ऐसा होता है तो लगभग 20 लाख से ज्यादा नए वोटर तैयार होंगे।
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इस बार वह लोग भी मतदान करेंगे जो कश्मीरी मूल के नहीं हैं, लेकिन यहां रह रहे है। इनमें सबसे ज्यादा सुरक्षाबलों के जवान और प्रवासी मजदूर शामिल होंगे। राज्य चुनाव आयोग की इस घोषणा के बाद सारे समीकरण बदल गए हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला ने कहा है बीजेपी जीत के लिए ऐसी योजना बना रही है।
अगर ऐसा होता है तो मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ जाएगी और इसका अंतर चुनावों के परिणाम पर भी दिखेगा। जम्मू.कश्मीर के चीफ इलेक्शन कमिश्नर हृदेश कुमार ने बताया कि आर्टिकल 370 हटाए जाने के नए वोटर जोड़ने की प्रकिया शुरू हो गई है।

आर्टिकल 370 के हटने से पहले दूसरे राज्यों के लोगों को जम्मू.कश्मीर में न तो बस सकते थे और न वे संपत्ति खरीद सकते थे। दूसरे राज्य के नागरिकों को वोट डालने का अधिकार नहीं था केवल वे सिर्फ लोकसभा चुनावों में ही वोट डाल सकते थे। नए वोटर जुड़ने का सबसे ज्यादा फायदा बीजेपी को होने का दावा किया जा रहा है लेकिन लोकतंत्र तरीके से चुनी गई सरकार पर किसी प्रकार का सवाल उठाना गलत है।
जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद 90 सीटें हो गई हैं और इनमें से 7 अनुसूचित जाति के लिए तो अनुसूचित जनजाति के लिए भी 9 सीटें रिजर्व रखी गई हैं। 1 अक्टूबर 2022 तक या उससे पहले जो 18 साल के हो गए हैं वे वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा सकते हैं और 25 नवंबर को फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।





