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मोदी सरकार ने खरीदा था जासूसी करने वाला सॉफ्टवेयर, जानें इस सॉफ्टवेयर का राज!

प्रकाशित: Jan 29, 2022 17:20रिपोर्ट: Navtej TV

मोदी सरकार पर जासूसी के आरोप लगते रहे है और इस बार अमेरिकी अखबार ने दावा किया है करते इस सॉफ्टवेयर के बारे में बताया है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स कि रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है कि भाार ने 2017 में इजराइली कंपनी NSO ग्रुप से जासूसी सॉफ्टवेयर पोगासस खरीदा था।

इस सॉफ्टवेयर को पांच साल पहले की गई 2 बिलियन डॉलर की डिफेंस डील के समय ही लिया गया था। इस डील में भारत ने एक मिसाइल सिस्टम और कुछ हथियार भी खरीदे थे लेकिन इस सॉफ्टवेयर के खरीदने की बात का भी दावा किया गया है। इस बात में कितनी सच्चाई है इसका जवाब अब मोदी सरकार को देना है लेकिन इस खबर के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

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इस बात की जानकारी लेने के लिए अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने भी यह सॉफ्टवेयर खरीदा था। लेकिन इसका इस्तेमाल करना अब बंद ​कर दिया है और पहले इसकी टेस्टिंग की गई थी।

दुनियाभर में इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है। कुछ सालों पहले पत्रकार जमाल खशोगी और उनके सहयोगियों के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया गया था। इजराइली ने भारत जैसे कई अन्य देशों में पेगासस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। पिछले साल दुनिया भर की कई सरकारों ने अपेन विरोधियों और पत्रकारों की जासूसी करने के लिए इसका इस्तेमाल किया था।


भारत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रशांत किशोर के साथ कई बड़े पत्रकारों की जासूसी कराने का दावा किया गया था। भारत अब इजराइल को लेकर अपने पुराने रुख में बदलाव ला रहा है और इसका इसी बात को बताया जा रह है। अगर ऐसा होता है तो यह बहुत बड़ी बात है लेकिन अमेरिका हमेशा से ही पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखाने का काम करता है लेकिन मोदी सरकार के बाद उसकी ताकत कमजोर हुई तो वह इस प्रकार की बात भी कर सकता है।

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पेगासस का काम जासूसी या निगरानी के लिए होता और इसके जरिए किसी फोन को आसानी से हैक किया जा सकता है। इसके बाद उसका फोन का कैमरा, माइक, मैसेजेस और कॉल्स की जानकारी हैकर के पास चली जाती है। इसका निर्माण इजराइली कंपनी NSO ग्रुप ने तैयार किया है।