PFI का जल्द होगा खात्मा, मोदी और शाह ने बनाया ये सिक्रेट प्लान, जानें उनका पूरा प्लान!
इन दिनों पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई और इसका कारण उससे जुड़े लोगों को गिरफ्तार करना। मोदी सरकार ने अब पीएफआई को सबक सिखाने की पूरी तैयारी कर ली है और इसी वजह इस संगठन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
जांच एजेंसियां ने इस संगठन का पर्दाफाश करने के लिए ऑपरेशन ऑक्टोपस चला ही रही हैं जिसमें देशभर के 15 राज्यों में छापेमारी करके 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस एक्शन के बाद लगने लगा है कि इस बार मोदी सरकार ने भी इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली है।
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PFI पर टेरर फंडिंग से देश के कई शहरों में दंगे फैलाने और हत्याओं जैसे आरोप लग चुके है। पिछले एक साल में इस सग्ंाठन का नाम हर दंगे में आने लगा था और इसी वजह से मोदी सरकार देश के लिए खतरा समझते हुए इस पर कार्यवाही की है। सबसे पहले इस संगठन के बड़े पदाधिकारियों पर लगाम लगाने की तैयारी की गई है। इस संगठन को जो पैसा मिल रहा है वह विदेशों से मिल रहा है और इसी वजह से इस पर कार्यवाही की गई है।
शीतकालिन सत्र से पहले केंद्र सरकार इस संगठन को बैन कर सकती है। यह संगठन अपने बचाव के लिए कोर्ट जरूर जाएगा और इसी वजह से एजेंसियां पहले इनके खिलाफ इतने सबूत जुटा रही है कि उनको कोर्ट से राहत नहीं मिल सके। अगर कोर्ट ने इस पर पाबंदी लगा दी तो फिर केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिल जाएगी।

केंद्रिये एजेंसियों के साथ राज्य पुलिस भी पीएफआई के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल है। टेरर फंडिंग केस में की गई कार्यवाही से इस संगठन के होश उड़े हुए है और लंबे समय इस पर नजर रखी जा रही थी। मोदी और शाह कोई काम करते है तो उसको बिना सबूतों के आधार पर हाथ नहीं लगाते है। दोनों नेताओं ने अगर ठान लिया है तो इस संगठन का खात्मा होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है।





