ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर यूपी में मचा कोहराम, मुस्लिम पक्ष हुआ नाराज
देश में एक बार फिर मंदिर मस्जिद का मुद्दा बनता नजर आ रहा है अयोध्या के बाद वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद का मामला एक बार फिर गरमा गया है। वाराणसी के काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी समेत कई विग्रहों के सर्वे को लेकर हंगामा मचा हुआ है। मुस्लिम पक्ष मस्जिद के भीतर वीडियोग्राफी का लगातार विरोध कर रहा है, काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद का क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा है इसका विरोध देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।
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1991 में वाराणसी की जिला कोर्ट में हिंदू पक्ष ने एक मुकदमा दायर करते हुए दावा किया गया था कि मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद को स्वयंभू भगवान विश्वेश्वर का मंदिर तोड़कर बनाया गया था, इसके साथ ही ज्ञानवापी मस्जिद की जगह पर श्रृंगार गौरी की पूजा होती थी. याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि ज्ञानवापी मस्जिद की दीवारों पर देवी-देवताओं के चित्र भी साफ नजर आते हैं, वहीं, ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली कमेटी ने मुकदमे में प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 का हवाला देकर स्टे ले लिया था.
लेकिन, 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद मामले की फिर से सुनवाई शुरू कर दी गई थी। काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कोर्ट के आदेश पर मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका डाली थी. लेकिन, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया है. इससे पहले भी निचली अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण का आदेश दिया था. जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से स्टे दे दिया गया था. आसान शब्दों में कहा जाए, तो निचली अदालत के हर निर्देश पर ज्ञानवापी मस्जिद के पक्षकार हाईकोर्ट से स्टे ले आते थे.
लेकिन, इस बार उन्हें झटका लगा है। दरअसल, ऐसे मामलों में इस तरह के साक्ष्य कोर्ट के फैसले में अहम भूमिका निभाते हैं. राम जन्मभूमि मामले में भी ऐसे ही साक्ष्यों को काफी तरजीह दी गई थी. कानून के जानकारों के अनुसार, इस तरह की रिपोर्ट को खारिज करना कोर्ट के लिए भी आसान नहीं होता है. आसान शब्दों में कहा जाए, तो मुस्लिम पक्ष को इस बात का डर सता रहा है कि अगर ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर की वीडियोग्राफी और सर्वे किया जाता है. तो, हिंदू पक्ष के उन तमाम दावों को बल मिल जाएगा कि ज्ञानवापी मस्जिद को काशी विश्वनाथ मंदिर के अवशेषों से बनाया गया है।

वहीं अब जब ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी और कई विग्रहों को लेकर सर्वे किया जा रहा है तो इसका लगातार विरोध किया जा रहा है, आज दूसरे दिन भी ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे किया गया। मुस्लिम पक्ष की ओऱ से कोर्ट कमिश्नर पर पक्षपात का आरोप लगाया गया है और उन्हें हटाने की मांग की है, मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है और मामले की अगली सुनवाई 9 मई को होगी, वही कोर्ट ने सर्वे रोकने को लेकर कोई आदेश नहीं दिया है।





