हिंसा की आग में जल उठा राजस्थान, करोली, जोधपुर के बाद सुलगा भीलवाड़ा
राजस्थान में इन दिनों धर्म को लेकर ऐसी आग लगी हुई है कि एक शहर की आग शांत होती है तो दूसरे शहर में आग लग उठती है। हिंसा के आग में कई मासुम लोगों के घर बर्बाद हो रहे है तो किसी को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इन घटनाओं को लेकर सत्ता पक्ष विपक्ष पर इसके आरोप मंड रहा है तो विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बता रहा है। लेकिन इस प्रकार की घटनाओं के लगातार होने के बाद भी पुलिस प्रशासन की नाकामी साफ तौर पर दिख रही है कि जब उनको पता है कि इस प्रकार की घटनाएं हो सकती है तो वह समय रहते उचित कार्यवाही में लापरवाही बरत रही है।
B.L. बना जेसीबी फिर बन गया बाबा का हथियार, जानें इसका इतिहास,VIDEO
करोली हिंसा की आग को शांत हुए अभी एक महीना भी पूरा नहीं था कि धर्म के नाम पर जोधपुर में हिंसा भड़क उठी और सीएम के घर में इस प्रकार की घटना को होना कई सवाल खड़े करती है। जोधपुर के बाद कल देर रात भीलवाड़ा भी हिंसा की आग में सुलग उठा और छोटी से बात पर दो समुदाय आपस में भीड़ गए और वाहनों में आग लगा दी।
भीलवाड़ा में देर रात को दो युवकों के साथ एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने मारपीट करके बाइक जलाने का मामला बढ़ गया और घायलों को इलाज से पहले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर लोग विरोध प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने लोगों को समझाया लेकिन लोग शांत नहीं हुए और प्रशासन ने पूरे जिले का इंटरनेट बंद कर दिया। जोधुपर में ईद के एक दिन हुई हिंसा के बाद 6 मई तक कर्फ्यू लगाया है और इंटरनेट सेवा भी बंद है। इस घटना में शामिल लोगों पर पुलिस का एक्शन जारी है और 150 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्रदेश में इस प्रकार की घटनाएं एक के बाद एक का होना कई सवाल खड़े करती है पुलिस प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकाम किस वजह से हो रहा है। सरकार इसको लेकर बीजेपी की सोची समझी चाल बता रही है तो बीजेपी सीएम को इस प्रकार की घटनाओं के लिए उनका इस्तीफा मांग रही है और घटना के लिए जो भी जिम्मेदार है उन पर उचित कार्यवाही करने की मांग कर रही है। बीजेपी ने आरोप लगाए है कि करोली हिंसा का मुख्य आरोपी अभी तक पकड़ से दूर है और जोधपुर हिंसा भड़काने के लिए एक धर्म विशेष का झंड़ा लगाने वालों पर अगर योगी स्टाइल में कार्यवाही नहीं हुई तो ऐसे लोग फिर से ऐसी घटनाओं को अंजाम देने का हौसला बढ़ेगा।





